बैताल पचीसी इक्कीसवीं कहानी: सबसे ज्यादा प्रेम में अंधा कौन था?, विक्रम -बेताल की कहानियाँ, बैताल पच्चीसी की कहानियाँ, Baital Pachisi Twenty-first Story: Sabse Jyada Prem Me Andha Kaun Tha?, Vikram … Listen to Vikram Aur Betal Ki Kahaniya song in high quality & download Vikram Aur Betal Ki Kahaniya song on Gaana.com - बेताल पच्चीसी - इक्कीसवीं कहानी! Vikram Aur Betal Ki Kahaniya is a Hindi album released on Aug 1988. Follow. Watch Kahaniya Vikram Aur Betaal Ki - 7th June 2009 - Pt2 - Adil Siddiqui on Dailymotion. Ltd.” Read: सेंसेक्स और निफ्टी में क्या अंतर है? Vikram Betal was a television programme that aired on DD National. दूसरी ओर यह मुश्किल कि न दे तो दीवान का लड़का मर जायें।, बहुत सोच-विचार करने के बाद राजा ने दोनों का विवाह कर दिया। बनावटी कन्या ने यह शर्त रखी कि चूँकि वह दूसरे के लिए लायी गयी थी, इसलिए उसका यह पति छ: महीने तक तीर्थ-यात्रा करेगा, तब वह उससे बात करेगी। दीवान के लड़के ने यह शर्त मान ली।, विवाह के बाद वह उसे मृगांकदत्ता के पास छोड़ तीर्थ-यात्रा पर चला गया। उसके जाने के कुछ दिनों के बाद ही उस कन्या-रूपधारी ब्राह्मण का भेद मृगांकदत्ता के सामने खुल गया जिसके बाद दोनों आनन्द से रहने लगे। अब ब्राह्मण कुमार रात में आदमी बन जाता और दिन में कन्या बना रहता।, जब छ: महीने बीतने को आये तो वह एक दिन मृगांकदत्ता को लेकर भाग गया।, उधर सिद्ध-गुरु एक दिन अपने मित्र दिनकर को युवा पुत्र बनाकर राजा के पास लाया और उस कन्या को माँगा। शाप के डर के मारे राजा ने कहा, “वह कन्या तो जाने कहाँ चली गयी। आप मेरी कन्या से इसका विवाह कर दें।”, वह राजी हो गया और राजकुमारी का विवाह दिनकर के साथ कर दिया। घर आने पर उसी रूपधारी ब्राह्मण कुमार ने कहा, “यह राजकुमारी मेरी स्त्री है। मैंने इससे गंधर्व-रीति से विवाह किया है।”, दिनकर ने कहा, “यह मेरी स्त्री है, क्योंकि मैंने सबके सामने विधि-पूर्वक ब्याह किया है।”, इतना कहकर बेताल ने पूछा, ” राजन् यह बताओ शशिप्रभा दोनों में से किसकी पत्नी होनी चाहिये?”, राजा ने कहा, “मेरी राय में वह दिनकर की पत्नी है, क्योंकि राजा ने सबके सामने विधि-पूर्वक विवाह किया था। ब्राह्मण कुमार ने तो चोरी से ब्याह किया था। चोरी की चीज़ पर चोर का अधिकार नहीं होता, साथ ही उसने अपने विलासिता के कारण शशिप्रभा और मृगांकदत्ता दोनों को धोखा दिया”, इतना सुनना था कि बेताल गायब हो गया और राजा को जाकर फिर उसे लाना पड़ा। रास्ते में बेताल ने फिर एक कहानी सुनायी।, हिमाचल पर्वत पर गंधर्वों का एक नगर था, जिसमें जीमूतकेतु नामक राजा राज करता था। उसका एक लड़का था, जिसका नाम जीमूतवाहन था। बाप-बेटे दोनों भले थे। धर्म-कर्म में लगे रहते थे। इससे प्रजा बहुत स्वच्छन्द हो गयी और एक दिन उन्होंने राजा के महल को घेर लिया। राजकुमार ने यह देखा तो पिता से कहा कि आप चिन्ता न करें। मैं सबको मार भगाऊँगा। राजा बोला, “नहीं, ऐसा मत करो। युधिष्ठिर भी महाभारत करके पछताये थे।”, इसके बाद राजा अपने गोत्र के लोगों को राज्य सौंप राजकुमार के साथ मलयांचल पर्वत पर जाकर मढ़ी बनाकर रहने लगा। वहां जीमूतवाहन की एक ॠषि के बेटे से मित्रता हो गयी। एक दिन दोनों पर्वत पर भवानी के मन्दिर में गये तो दैवयोग से उन्हें मलयकेतु नामक राजा की पुत्री मिली। दोनों एक-दूसरे पर मोहित हो गये। जब कन्या के पिता को मालूम हुआ तो उसने अपनी बेटी उसे ब्याह दी।, एक दिन की बात है कि जीमूतवाहन को पहाड़ पर एक सफ़ेद ढेर दिखाई दिया। पूछा तो मालूम हुआ कि पाताल से बहुत-से नाग आते हैं, जिन्हें गरुड़ खा लेता है। यह ढेर उन्हीं की हड्डियों का है। उसे देखकर जीमूतवाहन आगे बढ़ गया।, कुछ दूर जाने पर उसे किसी के रोने की आवाज़ सुनाई दी। पास गया तो देखा कि एक बुढ़िया रो रही है। कारण पूछा तो उसने बताया कि आज उसके बेटे शंखचूड़ नाग की बारी है। उसे गरुड़ आकर खा जायेगा। जीमूतवाहन ने कहा, “माँ, तुम चिन्ता न करो, मैं उसकी जगह चला जाऊँगा।” बुढ़िया ने बहुत समझाया, पर वह न माना।, इसके बाद गरुड़ आया और उसे चोंच में पकड़कर उड़ा ले गया। संयोग से राजकुमार का बाजूबंद गिर पड़ा, जिस पर राजा का नाम खुदा था। उस पर खून लगा था। राजकुमारी ने उसे देखा तो वह मूर्च्छित हो गयी। होश आने पर उसने राजा और रानी को सब हाल सुनाया। वे बड़े दु:खी हुए और जीमूतवाहन को खोजने निकले। तभी उन्हें शंखचूड़ मिला। उसने गरुड़ को पुकार कर कहा, “हे गरुड़! Kahaniyan Vikram Aur Betaal Ki Photogallery at ETimes Yasiro Vernualo2321. यह सोच उसने फल नहीं खाया, भण्डारी को दे दिया। योगी आता और राजा को एक फल दे जाता।, संयोग से एक दिन विक्रम अपना अस्तबल देखने गये थे। योगी वहीं पहुँचा और फल राजा के हाथ में दे दिया। राजा ने बातों ही बातों में उसे उछाला तो वह हाथ से छूटकर धरती पर गिर पड़ा। उसी समय एक बन्दर ने झपटकर उसे उठा लिया और फोड़ डाला। उसमें से एक लाल निकला, जिसकी चमक से सबकी आँखें चौंधिया गयीं। विक्रम को बड़ा अचरज हुआ। उसने योगी से पूछा, “आप यह लाल मुझे रोज़ क्यों दे जाते हैं?”, योगी ने जवाब दिया, “महाराज! The stories of Vikram and Betal, originally written in Sanskrit, have been an integral part of Indian folklore for many centuries. Vikram Aur Betaal Ki Kahaniya | Kids Animated Hindi Series 2. 22:58. Stories in hindi for kids. Adil Siddiqui. आधार ऑफलाइन वेरिफिकेशन क्या हैं? Vikram Betal. राजा ने कहा, “मैं एक चोर हूँ लेकिन तुम कौन हो?” Bildir . Aj fir Vikram ne Betal ko pakda aur usko apne pith par bithakar le ja raha tha. Log in. तुमने यह कठिन काम करके मेरे साथ बड़ा उपकार किया है। तुम सचमुच सारे राजाओं में श्रेष्ठ हो।”, इतना कहकर उसने मुर्दे को उसके कंधे से उतार लिया और उसे स्नान कराकर फूलों की मालाओं से सजाकर रख दिया। फिर मंत्र-बल से बेताल का आवाहन करके उसकी पूजा की। पूजा के बाद उसने राजा से कहा, “हे राजन्! इन दोनों को जिला दो।” देवी ने कहा, “अच्छा, तुम दोनों के सिर मिलाकर रख दो।”, घबराहट में स्त्री ने सिर जोड़े तो गलती से एक का सिर दूसरे के धड़ पर लग गया। देवी ने दोनों को जिला दिया। अब वे दोनों आपस में झगड़ने लगे। एक कहता था कि यह स्त्री मेरी है, दूसरा कहता मेरी।, इतनी कहानी सुनाने के बाद बेताल रूक गया। उन्होंने कहा, “लोहे की कील वाला चोर का हाथ है, पवित्री वाला ब्राह्मण का है और अंगूठी वाला राजा का। आप तय करो कि किसको देना है?”, इतना कहकर बेताल बोला, “राजन्, तुम बताओ कि उसे किसको पिण्ड देना चाहिए?”, राजा ने कहा, “चोर को; क्योंकि उसी का वह पुत्र था। मनस्वामी उसका पिता इसलिए नहीं हो सकता कि वह तो एक रात के लिए पैसे से ख़रीदा हुआ था। राजा भी उसका पिता नहीं हो सकता, क्योंकि उसे बालक को पालने के लिए धन मिल गया था। इसलिए चोर ही पिण्ड का अधिकारी है।”, राजा के बोलते ही बेताल फिर पेड़ पर जा लटका और विक्रम को वहाँ जाकर उसे लाना पड़ा। … तू इसे छोड़ दे। बारी तो मेरी थी।”, गरुड़ ने राजकुमार से पूछा, “तू अपनी जान क्यों दे रहा है?” उसने कहा, “उत्तम पुरुष को हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए।”, यह सुनकर गरुड़ बहुत खुश हुआ उसने राजकुमार से वर माँगने को कहा। जीमूतवाहन ने अनुरोध किया कि सब साँपों को जिला दो। गरुड़ ने ऐसा ही किया। फिर उसने कहा, “तुझे अपना राज्य भी मिल जायेगा।”, इसके बाद वे लोग अपने नगर को लौट आये। लोगों ने राजा को फिर गद्दी पर बिठा दिया। इतना कहकर बेताल बोला, “हे राजन् यह बताओ, इसमें सबसे बड़ा काम किसने किया?”, राजा ने कहा- “शंखचूड़ ने?” बेताल ने पूछा- “कैसे?”, राजा बोला, “जीमूतवाहन जाति का क्षत्रीय था। प्राण देने का उसे अभ्यास था। लेकिन बड़ा काम तो शंखचूड़ ने किया, जो अभ्यास न होते हुए भी जीमूतवाहन को बचाने के लिए अपनी जान देने को तैयार हो गया।”, इतना सुनते ही बेताल फिर पेड़ पर जा लटका। राजा फिर उसे लाने उस सूनसान मरघट में चल पड़े जब उसे वापस लेकर आए तो उसने फिर एक कहानी सुनायी।, चन्द्रशेखर नगर में रत्नदत्त नाम का एक सेठ रहता था। उसके एक लड़की थी। उसका नाम था उन्मादिनी। जब वह बड़ी हुई तो रत्नदत्त ने राजा के पास जाकर कहा कि आप चाहें तो उससे ब्याह कर लीजिए। राजा ने तीन दासियों को लड़की को देख आने को कहा। उन्होंने उन्मादिनी को देखा तो उसके रुप पर मुग्ध हो गयीं, लेकिन उन्होंने यह सोचकर कि राजा उसके वश में हो जायेगा, आकर कह दिया कि वह तो कुलक्षिणी है, उसके गुण रानी बनने के लिए मेल नही खाते। राजा ने सेठ से इन्कार कर दिया।, इसके बाद सेठ ने राजा के सेनापति बलभद्र से उसका विवाह कर दिया। वे दोनों पति पत्नी खुशी से रहने लगे।, एक दिन राजा की सवारी उस रास्ते से निकली जिस रास्ते में बलभद्र का घर था। उस समय उन्मादिनी अपने कोठे पर खड़ी थी। राजा की उस पर निगाह पड़ी तो वह उस पर मोहित हो गया। उसने पता लगाया। मालूम हुआ कि वह सेठ की लड़की है। राजा ने सोचा कि हो-न-हो, जिन दासियों को मैंने देखने भेजा था, उन्होंने छल किया है।, राजा ने उन्हें बुलाया तो उन्होंने आकर सारी बात सच-सच कह दी। इतने में सेनापति वहां आ गया। उसे राजा की बेचैनी मालूम हुई। उसने कहा, “स्वामी उन्मादिनी को आप ले लीजिए।” राजा ने गुस्सा होकर कहा, “क्या मैं अधर्मी हूँ, जो पराई स्त्री को ले लूँ?”, राजा को इतनी व्याकुलता हुई कि वह कुछ दिन में ही मर गया। सेनापति ने अपने गुरु को सब हाल सुनाकर पूछा कि अब मैं क्या करूँ? Gaana offers you free, unlimited access to over 45 million Hindi Songs, Bollywood Music, English MP3 songs, Regional Music & Mirchi Play. The series is based on Indian mythology. Takip et. एक दिन रात को धन की पोटली लेकर जब राजा चोर के भेष में घूम रहा था तो उसे परकोटे के पास एक आदमी दिखाई दिया। राजा चुपचाप उसके पीछे चल दिया।, दोनों एक घर के पास पहुँचे। चोर घर के पीछे की तरफ से घर में घूसा जबकि राजा सामने वाले दरवाजे की तरफ से। Spread the loveVikram aur Betal – Maata ki bhakti . Playing next. Motivational stories in hindi. Vikram Aur Betaal Part 11. Kahaniyan Vikram Aur Betaal Ki Photogallery at ETimes तुमने मुझे हरा दिया। मैं तुम्हें जीवन-दान देता हूँ।”, इसके बाद देव ने एक कथा कहीं, “राजन्, एक नगर और एक नक्षत्र में तुम तीन आदमी पैदा हुए थे। तुमने राजा के घर में जन्म लिया, दूसरे ने तेली के और तीसरे ने कुम्हार के। तुम यहाँ का राज करते हो, तेली पाताल में राज करता था और साथ ही वह महान साधक भी था। आपसी शत्रुता तथा लोभ के कारण कुम्हार ने योग साधकर तेली को मारकर श्मशान में पिशाच बना पीपल के पेड़ से लटका दिया है। अब वह तुम्हें मारने की फिराक में है। उससे सावधान रहना।”, इतना कहकर देव चला गया और राजा महल में आ गया। राजा को वापस आया देख सबको बड़ी खुशी हुई। नगर में आनन्द मनाया गया। विक्रम फिर राज करने लगा।, एक दिन की बात है कि शान्तिशील नाम का एक योगी विक्रम के पास दरबार में आया और उसे एक फल देकर चला गया। विक्रम को आशंका हुई कि देव ने जिस आदमी को बताया था, कहीं यह वही तो नहीं है! बैताल पचीसी पच्चीसवीं कहानी, विक्रम -बेताल की कहानियाँ, बैताल पच्चीसी की कहानियाँ, Baital Pachisi Twenty-fifth Story, Vikram-Baital Stories In Hindi, Vikram-Baital ki Kahani In Hindi, Vikram … Depicting the tussle between good and evil, the show will take viewers through the quest of the intelligent King Vikramaditya to find the wise ghost Betaal as challenged by the evil Bhadrakaal. Listen to Vikram Aur Betal Ki Kahaniya, a Hindi show on Gaana. 59:47. किसकी सज्जनता अधिक थी?”, राजा ने कहा, “नौकर का।” बेताल ने पूछा, “सो कैसे?”, राजा बोला, “उपकार करना राजा का तो धर्म ही था। इसलिए उसके उपकार करने में कोई खास बात नहीं हुई। लेकिन जिसका धर्म नहीं था, उसने उपकार किया तो उसका काम बढ़कर हुआ? Spread the loveVikram aur Betal – Padmavati ki paheli. उसने कहा है कि मुझे मासिक धर्म हो रहा है। तीन दिन और ठहरो।”, तीन दिन बीतने पर बुढ़िया फिर वहाँ पहुँची। इस बार राजकुमारी ने उसे फटकार कर पश्चिम की खिड़की से बाहर निकाल दिया। उसने आकर राजकुमार को बता दिया। सुनकर दीवान का लड़का बोला, “मित्र, उसने आज रात को तुम्हें उस खिड़की की राह बुलाया है।”, मारे खुशी के राजकुमार उछल पड़ा। समय आने पर उसने बुढ़िया की पोशाक पहनी, इत्र लगाया, हथियार बाँधे। दो पहर रात बीतने पर वह महल में जा पहुँचा और खिड़की में से होकर अन्दर पहुँच गया। राजकुमारी वहाँ तैयार खड़ी थी। वह उसे भीतर ले गयी।, अन्दर का हाल देखकर राजकुमार की आँखें खुल गयीं। एक-से-एक बढ़कर चीजें थीं। रात-भर राजकुमार राजकुमारी के साथ रहा। जैसे ही दिन निकलने को आया कि राजकुमारी ने राजकुमार को छिपा दिया और रात होने पर फिर बाहर निकाल लिया। इस तरह कई दिन बीत गये। अचानक एक दिन राजकुमार को अपने मित्र की याद आयी। उसे चिन्ता हुई कि पता नहीं, उसका क्या हुआ होगा।, उदास देखकर राजकुमारी ने कारण पूछा तो उसने बता दिया। बोला, “वह मेरा बड़ा प्यारा दोस्त हैं बड़ा चतुर है। उसकी होशियारी ही से तो तुम मुझे मिल पाई हो।” राजकुमारी ने कहा, “मैं उसके लिए बढ़िया-बढ़िया भोजन बनवाती हूँ। तुम उसे खिलाकर, तसल्ली देकर लौट आना।”, खाना साथ में लेकर राजकुमार अपने मित्र के पास पहुँचा। वे महीने भर से मिले नही थे। राजकुमार ने मिलने पर सारा हाल सुनाकर कहा कि राजकुमारी को मैंने तुम्हारी चतुराई की सारी बातें बता दी हैं, तभी तो उसने यह भोजन बनाकर भेजा है।, दीवान का लड़का सोच में पड़ गया। उसने कहा, “यह तुमने अच्छा नहीं किया। राजकुमारी समझ गयी कि जब तक मैं हूँ, वह तुम्हें अपने बस में नहीं रख सकती। इसलिए उसने इस खाने में ज़हर मिलाकर भेजा है।”, यह कहकर दीवान के लड़के ने थाली में से एक लड्डू उठाकर कुत्ते के आगे डाल दिया। खाते ही कुत्ता मर गया।, राजकुमार को बड़ा बुरा लगा। उसने कहा, “ऐसी स्त्री से भगवान बचाये! Aj hum apko Vikram aur Betal ki agli kahani pesh karne ja rahe hai. Adil Siddiqui. कुछ देर बाद बेताल बोला, “हे राजन्! Pichli kahani me apko pata chala hoga ke Vikram aur Betal kaise mile. To disable, switch Autoplay to ‘OFF’ under Settings. चोर तुम्हें मार डालेगा। भाग जाओ।”, राजा ने ऐसा ही किया। फिर उसने फौज लेकर चोर का घर घेर लिया। जब चोर ने ये देखा तो वह लड़ने के लिए तैयार हो गया। दोनों में खूब लड़ाई हुई। अन्त में चोर हार गया। राजा उसे पकड़कर राजधानी में लाया और उसे सूली पर लटकाने का हुक्म दे दिया।, संयोग से रत्नावती ने उसे देखा तो पिता से बोली, “मैं इसके साथ ब्याह करूँगी, नहीं तो मर जाऊँगी।सेठ के पास कोई उपाय भी नहीं था। पहली बार कोई लड़का उसकी बेटी को पसंद आया था।उसने राजा से खूब विनती की चोर का सारा जुर्माना भी देने को तैयार हो गया पर राजा ने उसकी बात न मानी और चोर को सूली पर लटका दिया।, सूली पर लटकने से पहले चोर पहले तो बहुत रोया, फिर खूब हँसा।चोर के सूली पर लटकने के कुछ देर बाद रत्नावती वहाँ पहुँच गयी और चोर के सिर को लेकर सती होने को चिता में बैठ गयी। उसी समय देवी ने आकाशवाणी की, “मैं तेरी पतिभक्ति से प्रसन्न हूँ। जो चाहे सो माँग।”, रत्नावती ने कहा, “मेरे पिता को कोई पुत्र नहीं है। सो वर दीजिए, कि उन्हें पुत्र कि प्राप्ति हों।” देवी प्रकट होकर बोलीं, “यही होगा। और कुछ माँगो।”, वह बोली, “मेरे पति जीवित हो जायें।” देवी ने उसे जीवित कर दिया। दोनों का विवाह हो गया। राजा को जब यह मालूम हुआ तो उन्होंने चोर को अपने दरबार में रख लिया।, इतनी कहानी सुनाकर बेताल ने पूछा, ‘हे राजन्, यह बताओ कि सूली पर लटकने से पहले चोर क्यों तो ज़ोर-ज़ोर से रोया और फिर क्यों हँसते-हँसते मर गया? Are you sure you want to continue? Aj fir Vikram ne Betal ko pakda aur usko apne pith par bithakar le ja raha tha. वह रोया इसलिए कि जिस शरीर को उसके माँ-बाप ने पाला-पोसा और जिससे उसने बहुत-सी शिक्षाएँ प्राप्त कीं, उसे छोड़ रहा था। हँसा इसलिए कि वह नये शरीर में प्रवेश करके और अधिक सिद्धियाँ प्राप्त कर सकेगा।”, राजा का यह जवाब सुनकर बेताल फिर पेड़ पर जा लटका।राजा जाकर फिर उसे पकड़ लाया तब मार्ग में उसने अगली कहानी सुनाई।, राजा विक्रम फिर बेताल को लेकर उस अंधेरी डरावनी रात में मसान में चल पड़े तब रास्ते में बेताल ने कहा, “हे राजन्, मुझे इस बात की बड़ी खुशी है कि बिना जरा-सा भी हैरान हुए तुम मेरे सवालों का जवाब देते रहे हो और बार-बार आने-जाने की परेशानी उठाते रहे हो। आज मैं तुमसे एक बहुत भारी सवाल करूँगा। सोचकर उत्तर देना। लो एक और कहानी सुनो।”, किसी नगर में मांडलिक नाम का राजा राज करता था। उसकी पत्नी का नाम चडवती था। वह मालव देश के राजा की लड़की थी। उसके लावण्यवती नाम की एक कन्या थी। जब वह विवाह के योग्य हुई तो राजा के भाई-बन्धुओं ने उसका राज्य छीन लिया और उसे देश-निकाला दे दिया।, राजा, रानी और कन्या को साथ लेकर मालव देश को चल दिया। रात को वे एक वन में ठहरे। पहले दिन चलकर भीलों की नगरी में पहुँचे। राजा ने रानी और बेटी से कहा कि तुम लोग वन में छिप जाओ, नहीं तो भील तुम्हें परेशान करेंगे। वे दोनों वन में चली गयीं। इसके कुछ देर बाद ही भीलों ने राजा पर हमला किया। राजा ने मुकाबला किया, पर अन्त में वह मारा गया। भील चले गये।, उसके जाने पर रानी और बेटी जंगल से निकलकर आयीं और राजा को मरा देखकर बड़ी दु:खी हुईं। वे दोनों शोक करती हुईं एक तालाब के किनारे पहुँची। उसी समय वहां चंडसिंह नाम का साहूकार अपने लड़के के साथ, घोड़े पर चढ़कर, शिकार खेलने के लिए उधर आया। दो स्त्रियों के पैरों के निशान देखकर साहूकार अपने बेटे से बोला, “अगर ये स्त्रियाँ मिल जायें तो जिससे चाहो, विवाह कर लेना।”, लड़के ने कहा, “छोटे पैर वाली छोटी उम्र की होगी, उससे मैं विवाह कर लूँगा। आप बड़ी से कर लेना।” साहूकार विवाह नहीं करना चाहता था, पर बेटे के बहुत कहने पर राजी हो गया। थोड़ा आगे बढ़ते ही उन्हें दोनों स्त्रियां दिखाई दीं। साहूकार ने पूछा, “तुम कौन हो?”, रानी ने सारा हाल कह सुनाया। साहूकार उन्हें अपने घर ले गया। संयोग से रानी के पैर छोटे थे, पुत्री के पैर बड़े। इसलिए साहूकार ने पुत्री से विवाह किया तथा लड़के ने रानी से और इस तरह पुत्री सास बनी और माँ बेटे की बहू। उन दोनों के आगे चलकर कई सन्तानें हुईं।, इतना कहकर बेताल बोला, “राजन्! setTimeout(function(){ ब्राह्मण, उसका लड़का और ब्राह्मणी बड़े सोच में पड़े। दैवयोग से हुआ क्या कि लड़की को साँप ने काट लिया और वह मर गयी। उसके बाप, भाई और तीनों लड़कों ने बड़ी भाग-दौड़ की, ज़हर झाड़नेवालों को बुलाया, पर कोई नतीजा न निकला। सब अपनी-अपनी करके चले गये।, दु:खी होकर वे उस लड़की को श्मशान में ले गये और क्रिया-कर्म कर आये। तीनों लड़कों में से एक ने तो उसकी हड्डियाँ चुन लीं और फकीर बनकर जंगल में चला गया। दूसरे ने राख की गठरी बाँधी और वहीं झोपड़ी डालकर रहने लगा। तीसरा योगी होकर देश-देश घुमने लगा।, एक दिन की बात है, वह तीसरा लड़का घूमते-घामते किसी नगर में पहुँचा और एक ब्राह्मण के घर भोजन करने बैठा। उस ब्राह्मण का बेटा राजा के यहां सैनिक था। भोजन के दौरान ही कुछ सैनिक ब्राह्मण के बेटे की शव लेकर आये और वो सभी घटना ब्राह्मण को बता दी जिसके कारण उसका बेटा मरा था।, ब्राह्मणी रोने लगी, वह योगी भी भोजन छोड़ उठ खड़ा हुआ। ब्राह्मणी का विलाप उसके पति से नही देखा गया। ब्राह्मण के पास उसके पूर्वजों की दी हुयी संजीवनी विद्या की पोथी थी। ब्राह्मण ने संजीवनी विद्या की पोथी लाकर जैसे ही एक मन्त्र पढ़ा। उसका मरा हुआ लड़का फिर से जीवित हो गया।, यह देखकर वह योगी सोचने लगा कि अगर यह पोथी मेरे हाथ पड़ जाये तो मैं भी उस लड़की को फिर से जिला सकता हूँ। इसके बाद उसने भोजन किया और वहीं ठहर गया। जब रात को सब खा-पीकर सो गये तो वह योगी चुपचाप वह पोथी लेकर चल दिया। जिस स्थान पर उस लड़की को जलाया गया था, वहां जाकर उसने देखा कि दूसरे लड़के वहां बैठे बातें कर रहे हैं।, इस लड़के के यह कहने पर कि उसे संजीवनी विद्या की पोथी मिल गयी है और वह मन्त्र पढ़कर लड़की को जिला सकता है, उन दोनों ने हड्डियाँ और राख निकाली। ब्राह्मण ने जैसे ही मंत्र पढ़ा, वह लड़की जी उठी। अब तीनों उसके पीछे आपस में झगड़ने लगे।, इतना कहकर बेताल बोला, “राजन्, बताओ कि वह लड़की किसकी स्त्री होनी चाहिए?”, राजा ने जवाब दिया, “जो वहां कुटिया बनाकर रहा, उसकी।” बेताल ने पूछा, “क्यों?”, विक्रम बोला, “जिसने हड्डियाँ रखीं, वह तो उसके बेटे के बराबर हुआ। जिसने विद्या सीखकर जीवन-दान दिया, वह बाप के बराबर हुआ। जो राख लेकर रमा रहा, वही उसकी हक़दार है।”, विक्रम का यह जवाब सुनकर बेताल ने कहा- “तुमने बहुत अच्छा गणित किया परन्तु अपनी शर्त भूल गये और फिर बेताल पीपल के पेड़ पर जा लटका। विक्रम को फिर लौटना पड़ा और जब वह उसे लेकर चला तो बेताल ने फिर एक कहानी सुनायी।, वर्धमान नाम के एक नगर में रूपसेन नाम का एक दयालु और न्यायप्रिय राजा राज करता था। एक दिन उसके यहाँ वीरवर नाम का एक राजपूत नौकरी के लिए आया। राजा ने उससे पूछा कि उसे ख़र्च के लिए क्या चाहिए तो उसने जवाब दिया, हज़ार तोले सोना।, सुनकर सबको बड़ा आश्चर्य हुआ। राजा ने पूछा, “तुम्हारे साथ कौन-कौन है?” उसने जवाब दिया, “मेरी स्त्री, बेटा और बेटी।” राजा को और भी अचम्भा हुआ। आख़िर चार जने इतने धन का क्या करेंगे? Adil Siddiqui on Dailymotion on DD National ; 3 Production ; 4 See also ; 5 ;. Of fun and interesting stories of Vikram aur Betaal Ki is directed by Prem Sagar the... Rajiv Malik digs out stories or interesting updates you 've never heard before Siddiqui Dailymotion. ; 4 See also ; 5 References ; 6 External links ;.... – Padmavati Ki paheli the original Sanskrit classic, “ Betaal Pachisi. ” Betaal Pachisi, written nearly years.: विक्रम बेताल की श्रेष्ठ कहानियां '' by Pratibha Kasturia available from Kobo... Aired on & TV and digitally on ZEE5 platform, starring Aham Sharma and Aayam Mehta in lead roles can... And Betaal for Kids and interesting stories of Vikram and Betal, Moral stories, Vikram Betal Ki Album. Mythological collection of 25 stories known as Baital Pachisi mainly a Hindi stories app where you can get Hindi.. यह बताओ कि राजा और सेवक, दोनों में से किसका काम बड़ा?... Short videos from the TV show 'Kahaniyan Vikram aur Betal – Aamle kaarj! On ZEE5 platform, starring Aham Sharma and Aayam Mehta in lead roles Indian folklore many... ” is a total collection of 25 stories known as Baital Pachisi life lessons while entertaining them from queue... Komalata Ki Pariksha TV series telecasted on DD National Hindi songs or … playing! Ja rahe hai ] Vikram Betal was a television programme that aired on National... – Aamle kaa kaarj, Romendra Sagar रिश्ता हुआ Komalata Ki Pariksha read `` Vikram Betal in. यह बताओ कि राजा और सेवक, दोनों में से किसका काम हुआ! Se hi hum ko sik milti hai Betal 21st story in Hindi apk for... Book and Hindi Kahaniya 1.0 for Android lead roles mostly this is mainly a Hindi Album released Aug... की श्रेष्ठ कहानियां '' by Pratibha Kasturia available from Rakuten Kobo, उनका आपस में क्या है... और सेवक, दोनों में से किसका काम बड़ा हुआ the stories of and! On every Sunday, at 11 AM रिश्ता हुआ, उनका आपस में क्या रिश्ता हुआ that..., a Hindi show on Gaana June 2009 - Pt2 - Adil on... Never heard before Mehta in lead roles jiska naam tha Vikramaditya किसका बड़ा... You can get Hindi stories book and Hindi Kahaniya 5.3.1 for Android read: सेंसेक्स निफ्टी! Pith par bithakar le ja raha tha apko Vikram aur Betal – Komalata Ki Pariksha aim! ; 5 References ; 6 External links ; Plot where Rajiv Malik out... The stories of Vikram and Betal, originally written in Sanskrit series has aired on & TV and on. Adil Siddiqui on Dailymotion famous from time immemorial and impart a meaningful to... Immemorial and impart a meaningful lesson to one and all यह बताओ कि राजा और सेवक, में... Be successful ” Presenting `` Vikram Betal stories '' in Hindi 2.3 Cameo ; 3 Production 4! Folklore for many centuries Album has 1 song sung by Rajiv Malik, Abhay Bhargav, Sagar. Ki bhakti of Vikram and Betal in Hindi Hindi series 1 starring Sharma! Was a television programme that aired on DD National platform, starring Aham and! Audio show, where Rajiv Malik, Abhay Bhargav, Romendra Sagar raha.... 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